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पावर (Power) अ ास 1.18.104-109 से संबंिधत िस ांत
वायरमैन (Wireman)- सेल और बैटरी
ाथिमक सेल और ि तीयक सेल (Primary cells and secondary cells)
उ े : इस पाठ के अंत म आप यह जान सक गे
• िवद ् त धारा का रासायिनक भाव बताइए
• इले ोिलिसस के िनयमों को बताएं
• ाथिमक सेल के िस ांत और िनमा ण को बताएं
• लेड एिसड के िस ांत और संरचना को बताएं ।
िवद ् त धारा के रासायिनक भाव (Chemical effects of िवद ् त रासायिनक समतु (Electrochemical equivalent):
electric current) िवद् त के एक कू लाम ारा वैद् तअपघटन के दौरान मु या िन ेिपत िकसी
‘कु छ व ऐसे होते ह िजनम िवद् त धारा वािहत होने के साथ रासायिनक पदाथ के मान को उस पदाथ का िवद् तरासायिनक तु ांक (ECE)
प रवत न होते ह ।’ इस भाव को िवद् त धारा का रासायिनक भाव कहते कहा जाता है।
ह । चांदी का ECE 1.1182 िमली ाम/कू ल होता है।
िवद् त धारा के रासायिनक भाव के अनु योग दैिनक जीवन म देखे जा
फै राडे का इले ोिलिसस के िनयम (Faraday’s Law of
सकते ह ; जैसे, धातु की व ुओं पर िनकल या तांबे की परत चढ़ाना, सेल
Electrolysis)
ारा E.M.F का उ ादन, आिद। यिद बैटरी के धना क और ऋणा क
टिम नलों से ली गई दो लीड्स को नमकीन पानी म डुबोया जाता है, तो 1. थम िनयम (First law ): इले ोिलिसस के दौरान िकसी भी
बुलबुले का उ ादन लीड पर देखा जा सकता है। यह सब िवद् त धारा के इले ोड पर मु या जमा िकए गए पदाथ का मान इले ोलाइट के
रासायिनक भाव के कारण होता है। मा म से गुजरने वाली इलेिट िकटी की मा ा के समानुपाती होता है। िकसी
भी इले ोड पर मु पदाथ का मान अिधक होगा, यिद अिधक धारा
िवद ् त अपघटन (Electrolysis)
वािहत की जाए या िवद् त अपघ म अिधक समय के िलए धारा वािहत
िकसी व या िवलयन म िवद् त धारा वािहत होने के कारण होने वाले
की जाए। यिद मु िकया गया मान m है तो
रासायिनक प रवत नों की ि या को िवद् त अपघटन कहते ह ।’
m I
इले ोलाइट (Electrolyte)
‘वह व या िवलयन िजसम िवद् त धारा वािहत होने के कारण उसम m t -----(i)
रासायिनक प रवत न होता है, वैद् त अपघ कहलाता है’; जैसे, नमकीन m I . t -----(ii)
पानी, अ ीय या ारीय घोल आिद।
m = Z . I . t
इले ोड (एनोड और कै थोड) (Electrodes (Anode and
जहाँ, I = करंट, ए ीयर म
cathode)
‘दो कं ड र ेट्स को तरल म डुबोया जाता है तािक इसके मा म से t = समय, सेकं ड म
करंट का माग बनाया जा सके , उ इले ोड के प म जाना जाता है’। m = मु पदाथ का मान, ाम म
वह इले ोड िजसके मा म से धारा तरल म वेश करती है, एक धना क Z = िनयतांक
इले ोड या एनोड कहलाता है, जबिक दू सरा िजसके मा म से यह तरल
(इले ोलाइट) छोड़ता है, एक ऋणा क इले ोड या कै थोड कहलाता है। यहाँ, थर Z को िवद् त-रासायिनक समतु (ECE) के प म जाना
जाता है।
आयन (Ions)
इले ोिलिसस के दौरान, इले ोलाइट के अणु अपने कं पोन टों म िवभािजत 2. ि तीय िनयम (Second law)- ‘जब िबजली की समान मा ा को
हो जाते ह िज आयन कहा जाता है। जब एक P.D. दो इले ोड पर िविभ इले ोलाइट्स के मा म से वािहत िकया जाता है, तो अलग-
लगाया जाता है, धना क प से आवेिशत आयन (कै थ आयन) कै थोड की अलग इले ोडों पर मु होने वाले त ों की मा ा उनके िवद् त-रासायिनक
ओर बढ़ते ह और ऋणा क प से आवेिशत आयन (एन आयन) एनोड समक ों के समानुपाती होती है।’
की ओर बढ़ते ह । िकसी इले ोड पर प ंचने पर, आयन अपना चाज छोड़ Mass E.C.E
देता है और आयन नहीं रहता। परमाणुओं को आयनों म प रवित त करने
M Z
की ि या को आयनीकरण कहा जाता है।
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